Danto ki safai kaise kare? | दाँतो की सफाई कैसे करे?, हमारे दांत क्यों खराब हो रहे हैं? यह जानना आवश्यक हे। अगर हम danto ki safai टूथपेस्ट से करते हे तो हमारे danto ka ilaj करना मुसकिल हो जाएगा, इसलिए danto ki safai कुदरती तरीको से करे, जिससे danto ka ilaj आसनीसे हो शके। सबसे बड़ा प्रश्न यह हे की, ईतना ध्यान रखने की बावजूट हमारे दांत क्यों खराब हो रहे हैं?, क्या? डेन्टिस्ट हमारे दाँतो को स्वस्थ करते हे?
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| दाँतो की सफाई |
Danto ki safai kaise kare | दाँतो की सफाई कैसे करे? | हमारे दांत क्यों खराब हो रहे हैं?
प्रश्न : सबसे बड़ा प्रश्न यह हे की ईतना ध्यान रखने की
बावजूट हमारे दांत क्यों खराब हो रहे हैं?
जवाब : क्योंकि हम टूथपेस्ट घीस रहे हैं !!!
दांत खराब होने का मुख्य कारण टूथपेस्ट है। क्योंकि टूथपेस्ट में फ्लोराइड (Fluoride) होता है, यही फ्लोराइड हमारे पानी में भी होता है, जिसे कुदरती तौर से हमारी छोटी आंत शोषित करके दांतो के मूल की नसो
द्वारा सोखा जाता हे जिससे दांत मजबूत बनते है।
लेकिन हम अमेरिका के नक्शे-कदम पर चलने वाले नकलची लोग हैं, तो हम दांतों के ऊपर फ्लोराइड घिसते हैं, जो हमारे दांतो को पीला करके खराब
करता हे।
टूथपेस्ट का अतिरिकत फ्लोराइड हमारे शरीर मे जाकर हड्डी को
भी खराब करता हे। और हमारे दाँतो का कुदरती परत इनेमल (enamel) को तोड़ देता हे, जिससे दांत पीले हो जाते हे ओर सडने लगते
हे। केल्सियम भी खाने से मिलता हे, ना की दाँतो पे लगाने
से...
" इन टूथपेस्ट का उपयोग ६ साल से कम के बच्चो को कभी नहीं
करना चाहिए। " क्योकि यह पेस्ट मीठी होने के बजह से बच्चे इसे निगल जाते हे और हमको
पता भी नहीं हे, की आज-कल बच्चो को इस से कितने भयंकर रोग हो रहे हे।
सामान्य बात है पेड़ों को बड़ा करने के लिए, उसके मूल में पानी पिलाना चाहिए? कि उसके पत्तों पर रगड़ना चाहिए? हम कुछ ऐसा ही करते हैं, हमें पहले से ही पानी मेसे फ्लोराइड मिलता है, फिर भी हम अपने दांतो के ऊपर अतिरिकत फ्लोराइड घिसते हैं।
उससे कुछ भी फायदा नहीं होता, उलटा टूथपेस्ट के केमिकल हमारे दांतो को तो खराब करता ही है, हमारे पेट में जाकर आंतों को भी खराब करते है।
टूथपेस्ट के साथ जो प्लास्टिक का ब्रश होता है, वह हमारे मसूड़ों को घिसता है और हल्का हल्का प्लास्टिक दांतों पर जोर से रगड़ने से हमारे पेट में जाता है और आतों को भी खराब करता हे। अब यह प्लास्टिक कोई अच्छी चीज तो है नहीं। (आप खुद समझदार है)
" कोई भी प्रकार का टूथपेस्ट हमारे दांतो को कभी मजबूत नहीं कर शकता, चाहे वह आयुर्वेदिक ही क्यों ना हो। "
तो दाँतो की सफाई कभी किसी टूथपेस्ट से की तो, दाँतो के इलाज
के लिए डॉक्टर के पास जाना ही पड़ेगा। और दाँतो का दर्द, दाँतो की सड़न, दाँतो की प्रोब्लेम, दाँतो की बीमारी होगी ही। फिर आप teeth pain से परेशान रहोगे।
प्रश्न : डेंटिस्ट हमारे दांत बचाते हैं या गिराते हैं?
जवाब : मैं डेंटिस्ट के खिलाफ नहीं हूं, पर मुझे कभी किसी डेंटिस्ट ने यह नहीं कहा के, “भाई तुम दांतो को नमक से साफ करो, दातुन करो, टूथपेस्ट मत करो” क्यों ?
क्योंकि वरना मेरे दांत अच्छे हो जाएंगे, फिर उनके पास कौन जाएगा?
दांतों के डॉक्टर खाली दांत निकाल देते हैं, या तो दांत में पड़े गड्ढे को भर देते हैं, या
सड़न निकालते हे। बस इसके अलावा वह और कुछ नहीं करते। कभी किसी ने देखा कि मैं इस दांत के डॉक्टर के पास रेग्युलर जाने के बाद, कभी भी दांतों की कोई शिकायत नहीं हुई। नहीं?
हां उसमें हमारी भी गलती है, हम टूथपेस्ट छोड़ते ही नहीं। मीठा खाने के बाद और खाना खाने के बाद कभी कुल्ला करते नहीं, दातुन-नमक कभी करते नहीं, फिर तो डेंटिस्ट एकमात्र सहारा है।
इसलिए आप कृपा करके अपने दांतो की चिंता मत करो। बस दाँतो के डॉक्टर के पास जाओ, या तो दांत गिराओ या तो कवर बनाओ और जब तक की पूरी बत्तीसी गिर ना जाए, तब तक अपनी मर्जी करते रहो। फिर बत्तीसी लगाकर खाने का तो मजा ही कुछ ओर है। आप तो समझदार हो ही.... की अब दाँतो की सफाई मे पक्के रहोगे।
प्रश्न: दांतों को कैसे बचाएं?
जवाब: भाई बहुत ही बढ़िया उपाय है। आप जानते ही हो, बस करना है।
पहला : सुबह उठते से ही दातुन करो, या तो नमक-सरसो घीस लो (१ सप्ताह मे २ बार), या कोयला घीस लो, या तो त्रिफला घिसो, या तो कोई भी आयुर्वेदिक दंत पाउडर बनाकर घिसो।
अगर कुछ भी नहीं करना है, तो अपनी मध्यमा उंगली (क्योकि पहली उगली मे से जो चुबकीय वाइब्रेशन निकलते
हे वो दाँतो को कमजोर करते हे) पानी के साथ घीस लो। मुंह में बदबू आए तो इलायची चबाकर खाओ, मगर कोई भी प्रकार का टूथपेस्ट कभी भी मत घिसो, ब्रश भी मत घिसो....
दूसरा : खाने पीने के बाद हमेशा कुल्ला करो...
तीसरा: मीठी चीजें खाने के बाद उंगली रगड़ के दांत और मसूड़ो को बराबर साफ करो...
चौथा : गन्ना चबाओ, नीम के पत्ते चबाओ, तील चबाओ, सौफ चबाओ, चुना वाला पान चबाओ, इलायची चबाओ, जिससे आप के दांत भी मजबूत होंगे और मुह से
बदबू नहीं आएगी और खाना भी पचेगा...
पांचवा : कच्चे फल, फ्रूट, सलाद, चबा चबा के खाओ दाँतो और आंतों के लिए बहुत अच्छा हे।
छठा : लघु शंका बेठ के ही करो (पशु की तरह खड़े हो कर मत करो) और उस समय दांत एक दूसरे से दबा के रखो जिससे
दांत मजबुत बनेगे।
अब बाकी आप को सब पता ही है। की दाँतो की सफाई कैसे करे?
प्रश्न : क्या ब्रश नहीं करने से दांत खराब होते हे???
जवाब:
" मेरे संपर्क मे कई ऐसे लोग हे,
जीनोने जिंदगी मे कभी भी ब्रश नहीं किया ", फिर भी उनके दांत मजबूत ओर चमकदार हे। और
आप हमारे दादा-दादी को ही देखो जिसने कभी ब्रश नहीं किया फिर भी दांत मजाबुत हे।
हा कई ऐसे लोग जो तंबाकु खाते हे उनके दांत भी सड़ते नहीं हे
। मगर दाँतो को बचाने के ओर भी तरीके हे, तो फिर गलत चिजे मुह मे कयों डाले।
याद रहे : " टूथपेस्ट करने से कभी भी दांत ठीक नहीं होते उल्टा बिगड़ते ही है। पक्की बात
हे। विज्ञापनो के चक्कर मे कभी ना आए, क्योकि इनको तो खाली पैसे बनाने हे। "
निवेदन : " मेरा आपसे हाथ जोड़ के प्रार्थना हे की आप अपने और अपने
बच्चो को विदेशी अंधे अनुकरण से बचाए। खुद भी बुधधिमान बने ओर बच्चो को भी बनाए। "
क्या आप के टूथपेस्ट
मे “ नमक ” हे?
क्या आप के टूथपेस्ट मे “ एलोवेरा ” हे?
क्या आप के टूथपेस्ट
मे “ नीम ” हे?
क्या आप के टूथपेस्ट
मे “ लोंग ” हे?
क्या आप के टूथपेस्ट
मे “ चारकोल ” हे?
क्या आप के टूथपेस्ट
मे “ दातुन का रस ” हे?
क्या आप के टूथपेस्ट
मे “ नींबू ” हे?
क्या आप के टूथपेस्ट
मे “ आयुर्वेदिक जड़ी-बुट्टीया ” हे?
मेरे भाई !!! हद हे
!!!
पहेले तुम खुद नक्की
कर लो के तुमहारा टूथपेस्ट का नुसका सही हे???
या उसमे डाले जाने
वाली यह सब चिजे...
तुम दंतमंजन बना रहे
हो के सब्जी???
और अगर नमक,
एलोवेरा, नीम ये सब चिजे ही अच्छी हे तो तुम्हारी महंगी
टूथपेस्ट क्यो लू???
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| दाँतो की सफाई |
९ (नौ) विषाक्त टूथपेस्ट सामग्री ???
पहला : Triclosan
- यह एक जीवाणु रोधी (एंटीबैक्टीरियल) रसायन हे।
- यह मसूड़ों की सूजन रोकता है। लेकिन साथ में एंटीबायोटिक की असर कम करता है और अंतस्रावी ग्रंथि (endocrine gland ) को भी नुकसान करता है।
- ऐसे एंडोक्राइन विघटित करने वाले रसायन, स्तन, प्रोस्टेट और वृषण कैंसर को बढ़ावा देते है। लड़की और लड़कों में कई प्रकार की युवावस्था की समस्याएं बढ़ाते है।
- एक शोध के अनुसार Triclosan चूहों में भ्रूण की समस्या उत्पन्न करता है। एवं उनकी हड्डियों को खराब करता है। इसके अलावा यह मस्तीष्क हदय और अन्य कोशिकाओं की क्रियाओं में बाधा डालता है।
- यह स्तन कैंसर बढ़ाता है।
- शोध के अनुसार कोलगेट कुल से ब्रश करने वालों के युरीन मे 5 गुना अधिक Triclosan पाया गया हे, जो शरीर पर कई घातक असर करता हे।
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दुसरा : Sodium Lauryl Sulfate (SLS)
- यह एक झाग उत्पन्न करने वाला करने वाला रसायन है।
- यह आपके जीभ की स्वाद ग्रंथि की कार्यप्रणाली में बाधा डालता है।
- यह स्वाद में कड़वा होता है।
- यह त्वचा में जलन और दर्दनाक नासूर घाव भी करता है।
- इसके उत्पादन से पर्यावरण में कैंसर कारक (carcinogenic) अशुद्धि उत्पन्न होती है।
- यह एक कीटनाशक है और मछली कीडे जैसे समुद्री जीवो को मार डालता है।
- Sodium Lauryl Sulfate (SLS) खेती में कीटनाशकों के रूप में बाजार में बेचने के लिए आवेदन हुआ था, मगर इसकी पर्यावरण को नुकसान करने की शक्ति देखकर इसे बाजार में बेचने से मना कर दिया गया।
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तीसरा : Artificial Sweeteners (कृत्रिम मिठाश)
- Aspartame (एक मीठास कारक घटक है)
- यह फलों सब्जियों में भी पाया जाता है, लेकिन फलों सब्जियों में पाने जाने वाला Aspartame, Pectin से जुड़ा होने के कारण नुकसान नहीं पहुंचाता।
- जबकी कृत्रिम बनाया गया Aspartame आसानी से तुट कर Methanol बनाता है। जो आपके मस्तिष्क के लिए हानिकारक है।
- Aspartame, Aspartic acid और Phenylene से बनता है जो हमारे शरीर में जाकर Formaldehyde बनाता है, जो हमारे कोमल उतको (Soft Tissue) को भारी क्षति पहुंचाता है।
- जिससे सिर दर्द, कान में गड़गड़ाहट, चक्कर, मीतली, पेटकी गड़बड़, कमजोरी, ठंड लगना जैसी कई परेशानी पैदा होती है।
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चौथा : Fluoride
- फ्लोराइड दांतो की सड़न में लाभ कारक है।
- लेकिन बच्चे इसे निकल लेते हैं इसलिए उनमें फ्लोरोसिस (Fluorosis) (जिसमे ८ साल से पहेले अगर दाँतो मे ज्यादा फ्लोराइड लगाते हे तो दांत तुट कर गिर जाते हे) होने की संभावना बढ़ जाती है।
- कई रिसर्चों मे यह नतीजा निकला हे कि छोटे बच्चों के लिए नहीं, पर बड़ों को भी फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट से दूर रहना चाहिए। क्योंकि यह दांतो की कुदरती परत फ़्लोरोपेप्टाइड को नष्ट कर देता है। जिससे दांत सड़ने लगाते हे।
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पांचवा : Propylene Glycol
- यह एक प्रकार का खनिज तेल है। जो एंटीफ्रीज, पेन्ट, इनमल्स और हवाई जहाजो मे उपयोग किया जाता है।
- यह बहुत सारी सौंदर्य प्रसाधनों में भी उपयोग किया जाता है।
- यह एक प्रकार का सर्फेक्टेंट है, मतलब दो तेलिया परतों को अलग करता है।
- यह त्वचा, आंख, फेफड़ों को नुकसान करता है।
- इससे अपने दांतों को ब्रश नहीं करना चाहिए।
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छठा : Diethyl amine (DEA)
- यह कई जाग उत्पादकों में उपयोग किया जाता है।
- यह एक प्रकार का हार्मोंन है। जो अन्य अवयवों से मिलकर कैंसर कारक NDEA का निर्माण करता है। जो अंगो को बीमार करता हे।
- यह त्वचा से आराम से शरीर में दाखिल हो जाता है और पेट, यकृत ओर मूत्राशय में कैंसर करता है।
- केलिफोर्निया ने इसे कैंसर कारक रूप में सूचीबद्ध किया है।
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सातवा : Microbeads
- यह एक प्रकार के बहुत ही सूक्ष्म प्लास्टिक के बोल जैसे होते हैं।
- जो बॉडीवाश, स्क्रब, टूथपेस्ट में होते हैं।
- यह जमीन से होकर पानी में मिलकर मनुष्य के शरीर में जाते हैं और विषाक्त पदार्थों को अपने साथ खींचकर ले आते हैं और शरीर को विषाक्त बनाते हैं।
- यह आपके मसूड़ों में फंस जाते हैं और उसके द्वारा बैक्टीरिया मसूड़ों के अंदर चले जाते हैं PCPC (पर्सनल केयर प्रोडक्ट काउंसिल) ने इसे बंद करने की सूचना दी है।
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आठवां : Abrasive
- यह एक प्रकार का स्कॉचब्रश जैसा काम करता है।
- यह दाँतो के धब्बे और भोजन हटाता है।
- यह निष्क्रिय घटक माना जाता है लेकिन आपके मसूड़ों के लिए हानिकारक है।
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नवमा : कैल्शियम
- कैल्शियम से आप भली भांति परिचित है।
- यह हड्डियों को और दांत को मजबूती देता है।
- मगर भाई कैल्शियम गलाना बहुत मुश्किल है तो यह दांतो को कैसे मिलेगा?
- केल्सियम वाला खोराक खाने से केल्सियम मिलता हे न की उसे दाँतो पर लगाने से।
- और कहने से क्या लाभ इसमें से कोई भी पदार्थ रसायन अगर आपके टूथपेस्ट में है तो उसका तुरंत त्याग करें क्योंकि उससे कोई फायदा होने वाला नहीं है, मगर नुकसान १०० % होगा।
- ऊपर दिये गए सारे रसायन आपके टूथपेस्ट के रेपर याने बॉक्स के ऊपर ही लिखे होते हे।
- अगर आपको इन रसायनो की हानी ( side effect ) जानने हो तो आप Google पर पढ़ सकते हे।
- अगर इतना जानने के बाद भी आप टूथपेस्ट, चाहे कोई भी हो, उपयोग करते हो, तो आपको कोई समजा नहीं सकता।
अब दाँतो की सफाई इन चीजों से करोगे तो आप समजदार हो ही की दाँतो के दर्द प्रोब्लेम होंगे ही।
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कोई “ फिल्मी अभिनेता ” दिखाके अपनी टूथपेस्ट बेचता हे,
कोई “ फिल्मी अभिनेत्रि ” दिखाके अपनी टूथपेस्ट बेचता हे,
कोई “ आयुर्वेदिक चिजे ” डालके अपनी टूथपेस्ट बेचता हे,
कोई “ क्रिकेटर ” दिखाके अपनी टूथपेस्ट बेचता हे,
कोई “ माँ से जोड़कर ” अपनी टूथपेस्ट बेचता हे,
कोई “ इमोसनल फूल ” बनाकर अपनी टूथपेस्ट बेचता हे,
कोई “ लड़की पटेगी ” कहकर अपनी टूथपेस्ट बेचता हे,
कोई “ डोक्टर ” दिखाके अपनी टूथपेस्ट बेचता हे,
कोई “ डराके ” अपनी टूथपेस्ट बेचता हे,
कोई “ बच्चो को पटाके-डराके ” अपनी टूथपेस्ट बेचता हे,
बेचना सब को टूथपेस्ट ही हे।
" इसमे सबसे महत्वपूर्ण बात यह हे की, इसमे से कोई भी टूथपेस्ट ८ साल से छोटे बच्चो को कभी नहीं देनी चाहिए। "
दाँतो की सफाई
टूथपेस्ट और उसके जूठे विज्ञापन | Colgate का जुठ | पैसो के लिए जुठ बोलने वाले फिल्मी सितारे
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प्रश्न : भारत मे बिकने वाले कितने टूथपेस्ट सही हे???
" भारत के टूथपेस्ट की सूची, यह सब हमको उल्लू बनाते हे ओर हम बनते भी हे। "
- colgate
- Sensodyne
- Pepsodent
- Promise
- Babool
- Vedashakti
- Ayush
- ViccoVajradanti
- DantKanti
- CloseUp
- xyz जो भी हे.....
ऊपर दिए गए टूथपेस्ट भारत देश में बिकते हैं लेकिन लगभग सभी टूथपेस्ट दांतों के लिए अच्छे नहीं है।
क्योकि कोईभि पेस्ट को बिगड़नेसे बचानेके लिए उसमे preservatives डालने पड़ते हे, जो हमारे लिए बहुत ही ज्यादा खराब हे।
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प्रश्न : कोलगेट किस तरह बनाता हे हमे बेवकूफ???
कोलगेट ने तो हद ही कर दी!!!
कोलगेट का नारा है " बेवकूफ बनाओ पैसे कमाओ" (आज भारत देश के नेता, उद्योगपति, मल्टीनेशनल कंपनियां लगभग सभी का यही नारा है..... )
मतलब कोलगेट तो बच्चों को टारगेट बनाता है। वह उनकी मां के साथ बताता है कि, कोलगेट ऐसा है, वैसा है।
कभी लॉन्ग डालता है, कभी नीम डालता है, कभी दातुन का रस डालता है, कभी नमक डालता है और कभी आयुर्वेदिक चिजे डालता है। पता नहीं सब कुछ मिक्स करके दे देता हे। भाई हमारा टूथपेस्ट लो...
वैसे भाई पहले आप खुद तय करो, कि तुम्हारा कोलगेट का नुसका सही है, या उसमें डाले जाने वाली यह सब चीजें सही है। आप खुद ही सोचो अगर यही सब चिजे ठीक है, तो हम कोलगेट क्यों ले? नमक ही घिस ले, तो क्या हर्ज है?
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प्रश्न : जो खुद कंफ्यूज है वह आपको क्या सही मार्ग बताएगा???
कोलगेट इतनी सारी विज्ञापन देता है कि, जैसे वही सही है कोलगेट का दावा है, कि वह सडन रोकता है और दांतो को कैल्शियम देता है। भाई कैसे मिलेगा? दांतो के ऊपर लगाने से, कैल्शियम कैसे मिलता है? तो हमे खाना खाने की जरूरत ही नहीं! हम भी चमड़ी पर केल्सियम लगा लेते हैं। हड्डियों को कैसे केल्सियम मिलेगा? वहा पर भी केल्सियम लगाए ? पर कैसे?
रहा फ्लोराइड तो वह हमको पानी में से मिल जाता है। तो अतिरिक्त फ्लोराइड लगाने की क्या जरूरत है? यही अतिरिक्त फ्लोराइड हमारे दांतो की कुदरती परत enamel को तोड़ देता है। हमारे पीले दांतो की वजह यही फ्लोराइड है, क्योंकि हमारे शरीर में पहले ही फ्लोराइड है, हम यह फ्लोराइड लगाकर दांतों को और पीला और मसूड़ों को नुकसान करते हैं।
ब्रश घिसना तो और खतरनाक है, क्योंकि यह ब्रश प्लास्टिक के बने होते हैं। यह टूथब्रश Polypropylene, Polyethylene और Nylon से बने होते हैं। वैसे तो इन रासायनिक चीजों को सुरक्षित माना जाता है, लेकिन फिर भी गूगल पर ढूंढने पर इनके भी बड़े नुकसान होते हैं यह सामने आया।
तो ब्रश को दांत पर घिसने से मसूड़ों, दांतों और यह नायलॉन ब्रश धीरे-धीरे हमार शरीर में जाता है और अनेक अनसुनी बीमारियां लाता है।
तो ऐसे दाँतो की सफाई करनी चाहिए??
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प्रश्न : टूथपेस्ट लगाके थूक देते हे तो हानी कैसे होगी???
कहते हैं अगर इन टूथपेस्ट को लगाके थुक दो तो बाहर निकल जाती है। लेकिन ऐसा नहीं है, हमारी चमड़ी इन रसायनों को साथ प्रतिक्रिया करके इनको सूक्ष्म छिद्रो के द्वारा सोख लेती है और कई घातक बीमारियां कर सकती हे।
आप खुद ही सोचो जो भी बचपन से कोलगेट या अन्य टूथपेस्ट कर रहा है, तो क्या उसके सभी दांत मसूड़े सुरक्षित है? क्या उसकी दांतो में सड़न नहीं हुई? मैं तो बचपन से करता हूं। फिर भी मेरे दांत सड़ गए अब किसको कहूं कि कोलगेट अच्छा है।
और इमोशनल बनके यह बड़े-बड़े फिल्मी सितारो के द्वारा यह विज्ञापन देते हैं, देते ही रहते हैं, वह खुद तो इनका इस्तेमाल करते नहीं, पर हम को बेचने के लिए, कुछ पैसों के लिए अपनी समाज के प्रति जिम्मेदारी भूल जाते हैं।
देखिए काजल हीरोइन जो कोलगेट की एडवर्टाइज देती है उसके खुद के दांत कितने पीले हैं।
और बच्चे तो टूथपेस्ट को मीठी होने के कारण निगल ही जाते हैं, यह 100% सही बात है सोचो उनके शरीर में कितना भारी नुकसान होता होगा?
दाँतो के ऊपर फ्लोराइड कैल्शियम रगड़ने से वह मजबूत रहते हैं। यह तो वही बात हुई के पेड़ की पत्तियों और डालियों को खाद पानी डालो वह मजबूत रहेगी। भाई ऐसा नहीं हमारे शरीर में रक्त पेशियों और रक्त वाहिनी के साथ मसूड़ों के अंदर रहति दांतो की जड़े हमारे खुराक और पानी के द्वारा सोखा गया कुदरती फ्लोराइड - कैल्शियम दांतो को मजबूत बनाता है। नहीं कि ऊपर लगाया गया कृत्रिम कैल्शियम - फ्लोराइड यह तो सब जानते ही हैं।
फिर भी हम ऐसी बाजारु चीजें उठा लाते हैं और खुद तो परेशान रहते हैं.... अपने बच्चों को भी परेशानी देते हैं। जरा थोड़े आगे की पीढ़ी मे जावों, हमारी दादी की नानी की दातों के बारे में तो पूछो॥ वह क्या करते थे? जरा तो सोचो।
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प्रश्न : इनके विज्ञापन भी देखो, यह हमे कैसे उल्लू बनाते हे???
कोलगेट ने तो नमक, नीम, दातुन पता नहीं क्या-क्या विज्ञापन दिए और अब तो बहुत सारी चीजें मिलाकर वेद शक्ति ही बना डाली... यह लो… मगर कोलगेट लो।
अब कोलगेट और रिस्पांसिबिलिटी का क्या संबंध है? और बस धोनी भाई के साथ मिलकर भारत में क्रिकेट चलती है... तो क्रिकेटर से जोड़ दो तो अपनी प्रॉडक्ट भी चलेगी...
छोटी बच्ची के साथ जोड़ दो... मां के साथ जोड़ दो, अब अंदर की शक्ति क्या है? खाली दांत मजबूत होने से क्या होगा? बाकी का शरीर का क्या ???
“ आपके टूथपेस्ट में नमक है? “ काजल, करीना, प्रियंका यह सब एक्ट्रेस बिना सोचे समझे ऐसे विज्ञापन दे देती हे... इनको खाली पैसे ही कमाने हे। लोग मरे तो मरे हमको क्या ?
फिर नींबू डालता है, फिर नीम डालते हैं, फिर चारकोल डालते हैं, इतने confuse क्यो हो?
जितना cavity की चिंता Colgate करता हे, उतनी चिंता तो हमारा परिवार भी नहीं करता!!!
सेंसोडाइन इसमें भी डॉक्टर आ जाते हैं, यह सेंसिटिविटी मिटाता है। भाई आप इसमें कुछ ऐसा डाल दोगे तो सेंसटिविटी क्या… पूरा दांत भी बिना दर्द के निकल जाता है। ऐसी क्या चीज है? पता नहीं कितने बेचने को ऐडस दे रहे....
कुछ कहते हे पेप्सोडेंट में टेस्ट है, इसको खाना हे या लगाना ? बच्चे इसे खा जाएंगे तो दांत खराब नहीं होंगे क्या?
कोई गारंटी नहीं देता कि हमारा टूथपेस्ट करोगे तो दांत 100 साल तक सुरक्षित रहेंगे। कोई गेरेंटी दे भी दे ओर अगर गलत निकले तो भी हम कया कर लेंगे उनका।
Ayush वाले कहते है 5000 सालों से यह था, वह था अरे भाई तुम थे? तुम्हारा टूथपेस्ट था? फिर कहां से आ गए? अब तक कहां थे?
CloseUp (क्लोजअप) वाले यंग जनरेशन को पटाने में लगे पड़े हे। दीपिका को पूछो Colgate अच्छा है या CloseUP तो फिर हम वही ले। क्योंकि उसमें विटामिन हे... फ्लोराइड है... बोलो टूथपेस्ट मे विटामिन !!! कमाल हे!!!
कोई बच्चों को, कोई मां को, तो कोई यंग जनरेशन को पटाने में लगा है। जिसने यह पेस्ट का उपयोग किया है... उन बुजुर्गो से भी तो पूछो!! कि क्या हाल है दाँतो का?
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प्रश्न : दांतों के डॉक्टर हमारे दांतो की रक्षा करते हे??? या उनमें पड़े गड्ढे भरते हैं???
भाई कोई भी दांतो का डॉक्टर कभी भी हमारे दांतो की रक्षा नहीं करता। वह सिर्फ और सिर्फ हमारे दांतो की सड़न हटाकर उस गड्ढे को भर देता है, या तो पूरा का पूरा दांत निकाल देता है, या नया आर्टिफिशियल दांत लगा देता है।
यही दाँतो के डोक्टर हमें टूथपेस्ट के विज्ञापन देते हे सोचो! जिसके खुद के दांत सड़े हुए हैं वह दूसरों की सड़न क्या रोकेगा!! अब दांतो के डॉक्टर को दांतों को अच्छा रखने से कोई मतलब नहीं है। वह तो खाली दांत की स्थिती मे सुधार करता हे।
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प्रश्न : यह टूथपेस्ट वाले खुद ही अपनी पोल खोलते हे!!! कैसे???
इनके विज्ञापन में बताया जाता है कि लड्डू चॉकलेट जैसी चीजें खाने से दांतों में सड़न यानी कि सूक्ष्मजीव ज्यादा पनपते हैं और आपके दांत खराब हो जाते हे।
मगर यही टूथपेस्ट वाले अपनी टूथपेस्ट को मीठी बनाते हे। क्या यह मीठा पन आपकी दांतो के लिए अच्छा है???
यही कृत्रिम मीठी चिजे आपके दांतों को खराब करती है। जो आप सुबह-शाम दोनों वख्त लगाते हो, ताकि पूरी रात आपके दांत अच्छी तरह खराब हो सके। और डॉक्टर का धंधा चल सके। मतलब हम को उल्लू बनाते हैं?
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प्रश्न : टूथपेस्ट की मात्रा कितनी होनी चाहिए???
विज्ञापन में पूरा ब्रश भर के लेने को बताया जाता है। लेकिन यह मात्रा गलत है, रासायनिक चीजें जितनी कम लोगे उतनी ही अच्छी है, मतलब बहुत ही थोड़ी सी मात्रा लेनी चाहिए, चने के दाने बराबर यह पेस्ट लेनी चाहिए ना की पूरी ब्रश भर के।
यह कोलगेट वालों ने उस पर लिखा है 6 साल से कम के बच्चों को मत दो। क्योंकि भारत में पढ़े लिखे गवार भरे पड़े हैं, उनको अपने पर इतना भरोषा हे की बिना जाने बूजे वे उन मासूम बच्चों को भी यह चीजें दे देते है।
अब आपको समाज आ गया होगा की दाँतो की सफाई कैसे करे?
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भाई मुजे मत समजाओ,
मुजे सब पता हे,
तू कोन होता हे? मुजे बताने वाला,
हम अनपढ़ नहीं हे,
आया बड़ा समाज सुधारक,
मे अपनी बात आपके सामने रख रहा हु अगर आप सहमत हो तो अच्छा हे, ना हो तो भी अच्छा हे। क्योकि आप हो तो मेरे प्यारे देशवासी ही।
मे भी आपको जानता ही हु।
धन्यवाद
“ जागो और जगाओ ना उल्लू बनो ना बनओ “
आशा हे आपको यह लेख पसंद आया होगा, तो कृपा करके इसे शेर जरूर करे और दूसरों को भी जगाने मे सहायक बने। धन्यवाद।
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Tags : danto ki safai, danto ka dard, teeth pain in hindi
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आपके संदेश के लिए धन्यवाद । मे इस समय कोई प्रतिक्रिया नहीं दे सकता। मे आपको जल्दी जवाब देने की कोशिश करूंगा । ConversionConversion EmoticonEmoticon