कोनसे बर्तन मे खाना चाहिए?, कोनसे बर्तन मे क्या पकाये?, कोनसी धातु के बर्तन फायदेमंद हे, किस प्रकार के बर्तन सेहत के लिए लाभकारी हे, Konse bartan me khana chahiye, konse bartan me kya pakaye, konsi dhatu ke bartan faydemand he, kis prakar ke bartan sehat ke liye labhkari he...
कोनसे बर्तन मे खाना चाहिए? | कोनसे बर्तन मे क्या पकाये?
आप सब बर्तन विज्ञान भली-भांति जानते हो।
बर्तन हम कई पीढ़ियों से बनाते आ रहे हैं, हमने अलग अलग धातु, मिट्टी और धातु के साथ दूसरी धातु मिलाकर भी बर्तन बनाए हैं।
लेकिन कभी भी स्टील, एलुमिनियम, नॉन स्टिक, बोन्साई, कुकर जैसे बर्तन नहीं बनाये।
हमें बनाना आता था। तो फिर क्यों नहीं बनाये सोचो.....!!!
प्रश्न : भारत ने स्टील, एलुमिनियम के बर्तन क्यो नहीं बनाए???
भारत देश धातु विज्ञान का अच्छा जानकार है, जिसने कांच, मिट्टी, लोहा, तांबा, पीतल, कांसा, चांदी यहां तक के सोने के भी बर्तन बनाए।
लेकिन कभी भी स्टील और एल्युमिनियम के बर्तन नहीं बनाएं, क्योंकि भारत के ऋषि (Scientist) जानते थे, के एल्युमीनियम और स्टील शरीर के लिए हानिकारक है। यही प्रमाण है।
वरना भारत के ऋषि स्टील बनाना भी जानते थे। स्टील भारत की ही देन है। लेकिन उन्होंने कभी भी स्टील के बर्तन नहीं बनाए।
प्रश्न : भारत मे बर्तन किस किस धातु के बनते थे??? (जो संपुर्ण वैज्ञानिक हे।)
मिट्टी (Earth) :
- यह संपुर्ण कुदरती (Natural) हे।
- मिट्टी के बर्तनों में खाना खा शकते हैं।
- खाना पका शकते हैं।
- खाना रख शकते हैं।
- मिट्टी के बर्तनों के उपयोग से 100% पोषक तत्व मिलते हैं।
- इसमे पानी रखनेसे मिट्टी पानी की अशुध्धी दूर कर, उसे कुदरती ठंडा करती हे और पानी का TDS भी कुछ हद तक सही रखती हे।
- गर्मी के चार महीने मिट्टी का पानी ही पिये।
- मिट्टी मे दहि, छास, मख्खन रखना सबसे उत्तम होता हे। इससे उसकी गुणवत्ता बढ़ जाती हे।
- मिट्टी के बर्तनो के उपयोग से शरीर स्वस्थ और मजबूत रहता हे।
- मिट्टी के बर्तनो का उपयोग पूरे साल कर शकते हे।
कांच (Glass) :
- यह भी कुदरती (Natural) हे। यह भी मिट्टी का एक प्रकार ही है।
- कांच के बर्तनों में खाना खा शकते हैं।
- खाना रख शकते हैं।
- काँच के बर्तनों के उपयोग से मन मे शांति आती हे।
- काँच के बर्तनो का उपयोग पूरे साल कर शकते हे।
लोहा (Iron) :
- लोहे के बर्तन मे आप खट्टी (एसिडिक) चिजे नहीं पका शकते।
- आप लोहे के बर्तन मे खाना पका शकते हो लेकिन रख नहीं शकते।
- लोहे के बर्तन मे दुध, खीर पकाके खाने से शरीर मे खुन बढ़ता हे।
- खुन की कमी वाले लोहे के बर्तनो का उपयोग करके Iron और खुन बढ़ा शकते हे।
- लोहे के बर्तन आप पूरे साल उपयोग मे ले शकते हे।
- लोहे के बर्तन मे जंग लग जाता हे, तो उसे तेल लगाके रखे।
तांबा (Copper) :
- तांबे के बर्तन खासतौर पर पानी पीने के लिए ही बनाए जाते थे।
- तांबा का पानी शरीर के लिए बहुत ही अच्छा हे और यह आतों को पूरी तरह साफ करता हे।
- बारीस के चार महीने तांबे का ही पानी पिये।
- अगर उस पर हरे रंग का जंग लगे तो उसे साफ करके ही पानी पीना चाहिए।
- तांबे में खाना खाना, पकाना या रखना नहीं चाहिए।
पित्तल (Brass) :
- पित्तल को कलई करनी पड़ती है।
- पीतल के बर्तनों में खाना खा शकते हैं।
- खाना पका शकते हैं।
- खाना रख नहीं शकते, क्योंकि यह ज्यादा गर्म है। जिससे खाना खराब हो जाता है।
- पित्तल का पूरा बर्तन गर्म होता हे ओर जल्दी गर्म होता हे।
- तो पानी जल्दी गर्म होता हे। खाना भी जल्दी पकता हे।
- तो गेस भी बचती हे, चूल्हा मे बर्तन भी बचते हे।
- पित्तल के बर्तनो का उपयोग पूरे साल कर शकते हे।
कांसा (Bronze) :
- कांसा के बर्तन में कलाई करनी पड़ती है और यह भारी भी होते हे।
- कांसा के बर्तन में खाना खा शकते हैं।
- पका भी सकते हैं मगर कांसे के बर्तनों में खाना बनाने से वह जल्दी तुट जाता है। इसलिए उसमें खाना पकाते नहीं हैं।
- कांसा भी बहुत गर्म हे उसमे खाना रखने से वह बिगड़ जाता हे।
- कांसा हमारी मानशिक शक्ति और बुध्धी बढ़ाता हे।
- बहुत गर्म होने से, ही रविवार और बारीस के दिनो मे उसमे खाना नहीं खाना चाहिए।
चांदी (Silver) :
- चांदी के बर्तनों में खाना खाने से बुद्धि तेज होती है।
- चांदी के बर्तन मे दुध पिने से मानसिक शक्ति ओर रोप्रतिकारक शक्ति बढ़ती हे।
- चांदी के बर्तनों में खाना पकाते नहीं है और ना ही रखते हैं।
- चांदी के बर्तन मे पानी पीने से गर्मी यानि पित्त के रोग मिटते हे।
- चांदी के बर्तन ठंडे होने से सर्दियों मे उपयोग ना करे।
सोना (Gold) :
- सोने के बर्तनों में खाना खाने से बुद्धि और शक्ति अधिक बढ़ जाती है।
- सोने के बर्तन मे भी खाना पकाते या रखते नहीं है।
- सोने के बर्तन मे पानी पीने से ठंडी यानि कफ के रोग मिटते हे।
- सोने के बर्तन अत्यधिक गर्म होने से गर्मीयों मे उपयोग ना करे।
- आज कल सोने के बर्तन तो हमे नहीं परवडते तो, किसी काँच के बर्तन मे सोने का गहना रखकर आप फायदा उठा शकते हो।
इन सब बर्तनों में मिट्टी के बर्तनों को संभाल के उपयोग में लेना पड़ता है, उपयोग से पहेले उसको तैयार करना पड़ता हे। जैसे भिगोना, छास या तेल लगा के रखना। उपयोग के बाद भी उसको सही से धोना वगेरे। वरना वह टूट जाता है।
सबसे सस्ते और अच्छे बर्तन मिट्टी के हैं जिसमें खाना खा भी शकते हैं और पका भी शकते और खाना रख भी शकते हे।
कांच भी मिट्टी की तरह ही है, लेकिन उसकी खास देखभाल जरूर नहीं, बस टूट ने से बचाना हे। बाकी उसमे खाना खा शकते और रख शकते हैं।
प्रश्न : भारत मे वर्तमान मे बर्तन किस किस धातु के बनते हे??? (जो पुर्नतह हानिकारक हे।)
एल्युमिनियम (Aluminum) :
- एल्युमिनियम के बर्तन भले ही सस्ते हो, पर यह आपको मेडिकल का भारी बिल पकड़ा शकते है।
- इन बर्तन मे पके खाना खाने से रोजाना 4 से 5 मिली ग्राम एल्युमिनियम हमारे शरीर मे जाता हे।
- यह धातु भारी होने से, शरीर इसे बाहर नहीं निकाल पाता।
- एल्युमिनियम एसिडिक पदार्थो (टमाटर, इमली, नींबु आदि) से रिएक्शन करता हे।
- जिससे एल्युमिनियम हमारी माशपेशिया, किडनी, लीवर और हड्डीओ मे जम जाता हे ओर कई बीमारिया लाता हे।
- ज्यादा समय तक एलुमिनियम के बर्तनों में खाना खाने और पानी पीने से शरीर मे....
- टीबी (Tuberculosis) (TB)
- कमजोर याददाश्त, अवसाद,
- किडनी का फेल होना,
- मुह मे छाले, अल्जाइमर,
- ओस्टिओपोरोसिस (हड्डी कमजोर होना), केंसार,
- डाएरिया, ऐपेंडिक्ष, दमा आदि रोग होते हे।
स्टील (Steel) :
- स्टील के बर्तन देखने में हानिकारक नहीं है, पर यह बहुत सूक्ष्म पेमाने पर नुकशान देह हे।
- वे निकल (Nickel), क्रोमियम (Chromium), सिलिकोन (Silicon), कार्बन (Carbon) जेसी चीजो से बनते है, जो शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक है।
- Department of Health and Human Services (DHHS) ने निकल ओर क्रोमियम को केंसर कर्ता घोसीत किया हे।
- इनसे चमड़ी मे चकाते, सूजन, जलन और चमड़ी का रंग भी बदल शकता हे।
- इससे हदय बिगड़ना और केंसर भी होता हे।
- गेस की परेशानी, मूड खराब होना, सरदर्द, सतत विचार आना वगेरे ।
- पानि की कमी, पेट की परेशानीया, कब्ज, काला मल आना वगेरे।
- यह टीबी (Tuberculosis) (TB) की शक्यता बढ़ाता हे।
- अगर यह फायदेमंद होता तो हमारे पूर्वजों ने इसके भी बर्तन बना लिए होते। क्योकि स्टील की शोध भारत मे हुवी हे।
कुकर (Cooker) :
- आज कल गृहिणीओ को कुकर में खाना पकाने की आदत हो गई है, क्योंकि इसमें जल्दी खाना पकता है।
- यह कुकर भी स्टील, एलुमिनियम, नॉन स्टिक के होने से नुकशान देय हे।
- कुकर में पका खाना, खाने के पोषक तत्व नष्ट कर देता है। क्योंकि जो काम 1 घंटे में होता है, अगर उसको आप 5 मिनट में कर लोगे तो उसके साइड इफेक्ट होने ही है।
- वैसे ही कुकर में पका खाना अनाज के प्रोटीन को तोड़ देता है, जिससे शरीर को प्रोटीन नहीं मिल पाता। इसी तरह सब्जियों के पोषक तत्वों को नष्ट कर देता हे।
- इसलिए कुकर में पका खाना शरीर की सेहत के लिए फायदेमंद नहीं है।
- इससे अच्छा है आप पीतल के बर्तनों में खाना पकाएं, जिससे पोषक तत्व खराब नहीं होगे और खाना भी जल्दी पकेगा।
नॉन स्टिक (non stick) :
- यह टेफ़्लोन (polytetrafluoroethene [PTFE]) की कोटिंग करने से बनते हे, जो एक प्रकार का प्लास्टिक (Plastic) हे।
- जिससे...
- थाइरोइड होता हे।
- हड्डीयो की बीमारी होती हे।
- रोगप्रतिकारक शक्ति घटती हे।
- कोलेस्टेरोल बढ़ाता हे।
- लीवर खराब होता हे।
- प्रजनन शक्ति (पुरुष फर्टिलिटी) खत्म होती हे।
- केंसर होता हे।
- इसके गर्म होने से कई हानिकारक गेसीस उत्पन्न होती हे, जो हमारे ओर पशु-पक्षी के लिए नुकशान देह हे।
प्लास्टिक (Plastic) :
- प्लास्टिक के बर्तन तो सीधा जहर ही हे।
- इसमे गर्म चिजे रखने से वह उसके साथ प्रतिक्रिया कर खाने को जहर बना देता हे। यह ओर भी खतरनाक हो जाता हे।
- International Journal of Health ने कहा हे पलास्टिक से...
- कैंसर होता हे,
- प्रजनन तंत्र मे परेशानी,
- हमारे शरीर के कोषो के DNA मे बदलाव,
- आंखो मे जलन, अंधापन,
- सांस लेने मे तकलीफ, सांस की नालियो मे परेशानी,
- लीवर मे खराबी,
- चमड़ी की परेशानी,
- फेफड़े मे कचरा जमा होना,
- सरदर्द,
- थकावट , बेचेनी,
- पेटदर्द, कब्ज , गेस आदि
- कई गंभीर बीमारिया करता हे।
- इसका उपयोग भूल कर भीं न करे।
थर्मोकोल (Thermocol) :
- यह तो किसि मूर्ख की ही शोध हे, क्योकि यह तो प्लास्टिक से भी ज्यादा खतरनाक हे।
- चीन मे इससे कई लोगो की मोत हो चुकी हे ओर कई होस्पिटलाइस हो चुके हे।
- इससे किडनी मे पथरी होती हे,
- इससे कैंसर होता हे।
- एलर्जी,
- पेट की खराबी, एसिडिटी,
- पेटदर्द, पेट मे जलन,
- जेसी कई बीमारिया आज हो रही हे।
इसी तरह बोन्साई (बोन चीना) जो हड्डी से बना हे, हमारे लिए हानिकारक हे,
मेलामाइन भी एक प्रकार का प्लास्टिक हे, हमारे लिए हानिकारक हे,
पोरसेलीन भी लेबॉरेटरी मे उपयोगी हे हमारे लिए नहीं,
एसी चीजो से सावधान रहे क्योकि यह आपको बीमारी के सिवा कुछ भी फायदा नहीं करेंगे।
आप कभी केले के पत्तों मे खा कर देखो...
आप कभी खाखरे के पत्तों से बने वाटी – थाली मे खाके देखो...
और भी हे ... फिर कभी...
लेख पढ़ने के लिए खुब खुब धन्यवाद।
आप हमेशा खुश रहे, सुखी रहे, समृद्ध रहे.....
जय माँ भारत....
जीतने आप कुदरती चीजो का उपयोग करोगे,
कुदरत के पास रहोगे,
उतने स्वस्थ रहोगे।
ओर जीतने मानवीय कृत्रिम चीजो का उपयोग करोगे,
कुदरत से दूर रहोगे,
उतने परेसान रहोगे।
जितनी आप ऋषि संस्कृति (complete scientific) अपनाएँगे,
उतने आप सुखी, स्वस्थ और समृद्ध रहोगे।
मेरे भाइयो बहेनों पक्की बात हे,
छाती ठोक के कहेता हु।
“ जागो ओर जगाओ न उल्लू बनो न बनाओ ”
आशा हे आपको यह लेख पसंद आया होगा, तो कृपा करके इसे शेर जरूर करे और दूसरों को भी जगाने मे सहायक बने। धन्यवाद।
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