भारतीय नकलची बंदर या मंदबुध्धि? | पश्चिम की नकल कर रहा भारत | Indian Culture Vs Westernizations
नमस्कार दोस्तों सच In Short ब्लॉग में आपका स्वागत है।
भारतवासी पश्चिमी संस्कृति के गुलाम है और हूबहू उनकी नकल कर रहे हे। पूरी तरह अपना रहन-सहन उनकी तरह कर लिया है।
उसकी कुछ बातें मे यहा
बताने जा रहा हु…
आप खुद ही तय करें
भारतवासी नकलची बंदर है या मंदबुद्धि???
* दातुन छोड़ा ब्रश पकड़ा
दांत भले ही गिर जाए, ब्रश
नहीं छोड़ेंगे..
* मंजन छोड़ा पेस्ट पकड़ा
भले ही उसमें रासायनिक केमिकल भरे हो..
* नींबू पानी, नारियल पानी, लस्सी छोड़ी पेप्सी-कोक पकड़ा, भले ही वह कंपनियां
देश का पैसा बाहर ले जाए..
* फ्रूट खाना थोड़ा डब्बे
के पैकिंग के जंतु नाशक वाले, फ्लेवर वाले पानी पीना चालू किया, भले ही किडनी
बिगड़ जाए..
* धोती-जब्बा-लेंघा छोड़ा
जींन्स पकड़ ली, भले ही
चमड़ी में दाद-खाज-खुजली हो जाए..
* श्रीखंड छोटा आइसक्रीम
पकड़ा भले ही आते सड जाय दात गिर जाये..
* देसी सब्जी-अनाज छोडे
हाइब्रिड पकड़े, भले ही
शरीर के जिन्स बदल जाए और आने वाली पीढ़ी बर्बाद हो जाए..
* कुएं-तालाब छोड़े और
बोरवेल-डैम पकड़े, भले
भूगर्भ जल खत्म हो जाए, नदी का बहाव बदल जाए, प्रयवर्ण बादल जाए, सुखा पड़े, धरतीकंप आ जाए..
* चुने-पत्थर-लकड़ी का मकान
छोड़ा, सीमेंट-लोहे
के पकड़े, भले ही 25-50 साल में टूट
जाए, गर्मी में उबल जाए, ठंडी में जम
जाए..
* लड्डु-सिंगपाक-चिक्की
छोडी, केक-पेस्ट्री-चॉकलेट
पकड़ी, भले ही खून बिगड़ जाए, आते सड़
जाए, शरीर में गांठे हो जाए..
* गांव में रहना छोड़ा, शहर पकड़े, भले
ही अच्छी हवा ना मिले, धुवे से फेफड़े बिगड़ जाए, मिलावटी दूध पीना पड़े..
* दूध-घी-छास छोड़ा, बीयर-दारू पकड़ी चाहे शरीर बर्बाद
हो जाए, परिवार टूटे, घर बर्बाद हो जाए..
* खेती-व्यापार छोड़ा, नौकरी-दलाली पकड़ी चाहे खुद की
बेज्जती हो जाए, दूसरों के सामने गिड़गिड़ा ना पड़े, दूसरों को उल्लू बनाना पड़े..
* गाय-भेस-बकरी पालना छोड़ा, कुत्ते-बिल्ली-कबूतर पालने लगे,
भले ही जहरीले दूध पीना पड़े, कुत्तो को मास
बोटी खिलानी पड़े..
* गोबर की ख़ाद छोटी
यूरिया-डीएपी जंतु नाशक पकड़े, चाहे लोगों की मौत हो जाए, शक्ति हिन अनाज खाना पड़े,
विकृत बच्चे जन्मे..
* पुस्तके छोड़ी मोबाइल
लैपटॉप पकड़े चाहे आंखें खराब हो जाएं, नियत खराब हो जाए, मस्तिष्क फट
जाए..
* सुबह शाम टहलना छोड़ा, टीवी पकड़ी चाहे उल-जलूल चिजे
बच्चे सीखें और शरीर खराब हो जाए..
* मंदिर जाना छोड़ा, अखबार-न्यूज़ चैनल पकड़ी चाहे
पूरे विश्व की गंदगी दिमाग में भर जाए और मन आशांत हो जाए..
* आयुर्वेदिक छोड़ा एलोपैथी
पकड़ा चाहे जहरीली दवाई से पूरा शरीर छिन्न-भिन्न हो जाए..
* आलू-गोभी के परोठे छोड़े, पिज़्ज़ा-बर्गर पकड़े चाहे चीज के
लिए गाय के बछड़े को बेरहमी से काटा जाए..
* दुकानों की खरीदी छोड़ी, मल्टीनेशनल कंपनी-मॉल-अमेजॉन
पकड़े, भले ही देश के छोटे व्यापारी बर्बाद हो जाए और देश का
पैसा देश के बाहर चला जाए..
* सच्चे साधु-संतों को
छोड़ा, बॉलीवुडस्टार-क्रिकेटर पकड़े, चाहे जीवन में चरित्रहीन हो जाए,
देशद्रोही बन जाए..
* स्त्री का सनमान छोड़ा और
उनको अश्लीलता की तरफ धकेल दिया चाहे पूरा देश बर्बाद हो जाए, संस्कृति नष्ट हो जाए..
* मानवता और सच्चा धर्म
छोड़ा और जातिवाद नकली धर्म पकड़े भले ही एक दूसरे के दुश्मन हो जाए..
* दोस्तों इसमें से कोई
बातें पश्चिम की नहीं लगेगी, लेकिन यह सोच पश्चिम की ही है..
* दोस्तों ऐसी कई बातें है
मैंने तो कुछ कही है आप खुद ही सोचें क्या हमने अपने आप को पश्चिमी संस्कृति में
नहीं ढाला और अपना हाल बेहाल नहीं बनाया???
* अब अपनी संस्कृति पर
लौटने का समय आ गया है दोस्तों इसके बारे में कमेंट जरूर करना और बताना यह लेख
आपको कैसी लगी???
जागो और जगाओ ना उल्लू बनाना बनाओ
जय भारत
Tags:
bharatiy nakalchi
Bandar,

आपके संदेश के लिए धन्यवाद । मे इस समय कोई प्रतिक्रिया नहीं दे सकता। मे आपको जल्दी जवाब देने की कोशिश करूंगा । ConversionConversion EmoticonEmoticon